बिहार। बिहार चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने 24 सितंबर को पटना में ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प पत्र’ जारी किया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी और आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव की मौजूदगी में इस संकल्प पत्र को जारी किया गया। महागठबंधन ने इस पत्र के जरिये अतिपिछड़ा समाज के उत्थान के लिए 10 संकल्प लागू करने का वादा किया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन में शामिल घटक दलों के नेता अति पिछड़ा न्याय संकल्प कार्यक्रम में उपस्थित हुए और 10 संकल्प लागू करने का वादा किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में जिसकी जितनी आबादी है, उसकी उतनी भागीदारी नहीं मिल रही। उन्होंने बिहार के लोगों को वोटर अधिकार यात्रा में समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने जातीय जनगणना की चर्चा करते हुए कहा कि लोकसभा में मैंने नरेंद्र मोदी जी के सामने दो बातें कहीं। देश में जातिगत जनगणना होगी और आरक्षण में 50% की दीवार तोड़ेंगे। इसके पीछे सोच थी कि आज भी देश में अतिपिछड़ा, पिछड़ा, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक वर्गों को जितनी भागीदारी मिलनी चाहिए, वो नहीं मिलती है। इससे सब कुछ साफ हो जाएगा। देश में अति पिछड़ा, आदिवासी, ओबीसी और दलितों को जितनी भागीदारी मिलनी चाहिए, वह नहीं मिलती है। हम अति पिछड़ा वर्ग को एक विजन देना चाहते हैं। नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 20 सालों से बिहार में वे सत्ता में हैं, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह विजन अति पिछड़ों का विजन है। इसे पूरा करना हमारी गारंटी है।
