खबर विशेष। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता-विरोधी कथित अपराधों के सबसे बड़े और विवादित केस में आज फैसला पढ़ा जा रहा है. ढाका में तनाव चरम पर है। मामले पर फैसला इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल सुना रहा है, जो नाम से ‘इंटरनेशनल’ है लेकिन पूरी तरह बांग्लादेश की घरेलू अदालत है। सुबह से उसने छह हिस्सों में बंटे 400 पेज के फैसले को पढ़ना शुरू कर दिया है। जस्टिस गुलाम मुर्तजा की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि उन्होंने मानवाधिकार संगठनों और कई अंतरराष्ट्रीय-स्थानीय रिपोर्टों का अध्ययन किया है और फैसले में कथित क्रूरताओं का विस्तृत वर्णन शामिल है।
अदालत ने रिकॉर्ड में रखा कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मारे गए, और हसीना पर बम व घातक हथियारों के इस्तेमाल तक के आदेश देने का आरोप है। ट्राइब्यूनल हसीना के खिलाफ जुटाए गए भारी सबूतों 10,000 पन्नों के दस्तावेज, 80 से अधिक गवाह, वीडियो-ऑडियो सामग्री को केस-दर-केस पढ़कर सुना रहा है, इसलिए कार्यवाही लंबी चल रही है। फैसला हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान की अनुपस्थिति में सुनाया जा रहा है, क्योंकि दोनों को भगोड़ा घोषित किया गया है।ढाका में सुरक्षा बेहद सख्त है; शहर में पिछले सप्ताह 40 से ज्यादा आगजनी और कई बम धमाकों के बाद पुलिस को आदेश दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति अगर आगजनी या विस्फोट की कोशिश करे तो सीधे गोली चलाई जाए। दूसरी ओर, शेख हसीना ने फैसले से पहले अपने समर्थकों को भेजे संदेश में आरोपों को झूठा बताया और कहा- ‘वो फैसला दे दें, मुझे परवाह नहीं.’
