नई दिल्ली। चीनी की बढ़ती कीमतों ने पहले ही रसोई का बजट बिगाड़ दिया, तो वहीं अब रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली प्याज भी आंसू निकालती नजर आ रही है। दिल्ली-NCR समेत देश के तमाम शहरों में प्याज महंगी हुई है। एक ओर जहां त्योहारी सीजन से पहले चीनी लगातार महंगी (Sugar Price Hike) हो रही है और इसे लेकर राजनीतिक घमासान भी देखने को मिल रहा है। तो वहीं दूसरी ओर प्याज भी चीनी की चाल चलती नजर आ रही है और लोगों के आंसू निकाल रही है। जी हां, प्याज की कीमतों में अचानक तेज बढ़ोतरी (Onion Price Hike) हुई है. रिटेल मार्केट में एक किलो प्याज की कीमत 60-65 रुपये तक पहुंच गई है, जो 30-35 रुपये प्रति किलोग्राम पर मिल रही थी। हालांकि, सरकार का कहना है कि प्याज का देश में उत्पादन पिछले वर्ष के लगभग बराबर है और पर्याप्त स्टॉक आने वाले महीनों में घरेलू डिमांड को पूरा करने की स्थिति में है। सरकार की ओर से साफ किया गया कि अगस्त-सितंबर महीने में आमतौर पर प्याज की कीमतों में उछाल देखने को मिलता है, इसका कारण मौसम और सप्लाई चेन से जुड़ी परिस्थितियां है। प्याज की कीमतों में ये ताबड़तोड़ तेजी ऐसे समय में देखने को मिल रही है, जबकि पहले से ही चीनी की कीमतों ने त्योहारी मिठास को कम करने का काम किया है। बता दें देश में Sugar Price Hike हुआ है और कुछ ही दिनों में ये चीनी रिटेल मार्केट कीमत 65 रुपये प्रति किलो या इससे ज्यादा हो गई है। महीनेभर में भाव में 15 फीसदी के आसपास उछाल आया है।।चीनी की कीमत को लेकर भारत में राजनीतिक गलियारों में घमासान देखने को मिल रहा है. विपक्ष को चीनी के रूप में सरकार पर निशाना साधने का बड़ा मुद्दा हाथ लगा है और उसके द्वारा आरोप लगाया गया है कि इथेनॉल बनाने के लिए गन्ने का इस्तेमाल करने से देश में चीनी की सप्लाई कम हो रही है, जिससे Sugar Price Hike देखने को मिला है। हालांकि, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि देश में कोई कमी नहीं है और न ही इसकी कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे इथेनॉल वजह है।
